ऐ आसमाँ किस लिए इस दर्जा बरहमी हम ने तो तिरी सम्त इशारा नहीं किया
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उन की सोहबत में गए सँभले दोबारा टूटे हम किसी शख़्स को दे दे के सहारा टूटे ये अजब रस्म है बिल्कुल न समझ आई हमें प्यार भी हम ही करें दिल भी हमारा टूटे
Vikram Gaur Vairagi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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जो तुम हो तो ये कैसे मान लूँ मैं कि जो कुछ है यहाँ बस इक गुमाँ है
Ambreen Haseeb Ambar
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ऐ आ समाँ किस लिए इस दर्जा बरहमी हम ने तो तिरी सम्त इशारा नहीं किया
Ambreen Haseeb Ambar
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ज़िंदगी में कभी किसी को भी मैं ने चाहा नहीं मगर तुम को
Ambreen Haseeb Ambar
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वो जंग जिस में मुक़ाबिल रहे ज़मीर मिरा मुझे वो जीत भी 'अंबर' न होगी हार से कम
Ambreen Haseeb Ambar
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ध्यान में आ कर बैठ गए हो तुम भी नाँ मुझे मुसलसल देख रहे हो तुम भी नाँ
Ambreen Haseeb Ambar
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