अना को अपनी समझाना पड़ेगा बुलाती है, तो फिर जाना पड़ेगा
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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ख़ुशबुओं से नहा के चाँद आया किस क़दर जगमगा के चाँद आया बद-नसीबी है मेरी आँखों की मास्क मुँह पे लगा के चाँद आया
Salman Zafar
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उन के बच्चे यूँँ ही मुरझाएँगे बैठे बैठे ये जो मज़दूर हैं क्या खाएँगे बैठे बैठे
Salman Zafar
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छोड़ कर जाने का मंज़र याद है हर सितम तेरा सितमगर याद है अपना बचपन भूल बैठा हूँ मगर अब भी तेरा रोल नंबर याद है
Salman Zafar
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दुनिया की फ़िक्र छोड़, न यूँँ अब उदास बैठ ये वक़्त रब की देन है, अम्मी के पास बैठ
Salman Zafar
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अपना बचपन भूल बैठा हूँ मगर अब भी तेरा रोल नंबर याद है
Salman Zafar
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