उन के बच्चे यूँँ ही मुरझाएँगे बैठे बैठे ये जो मज़दूर हैं क्या खाएँगे बैठे बैठे
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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ख़ुशबुओं से नहा के चाँद आया किस क़दर जगमगा के चाँद आया बद-नसीबी है मेरी आँखों की मास्क मुँह पे लगा के चाँद आया
Salman Zafar
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अना को अपनी समझाना पड़ेगा बुलाती है, तो फिर जाना पड़ेगा
Salman Zafar
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अपना बचपन भूल बैठा हूँ मगर अब भी तेरा रोल नंबर याद है
Salman Zafar
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छोड़ कर जाने का मंज़र याद है हर सितम तेरा सितमगर याद है अपना बचपन भूल बैठा हूँ मगर अब भी तेरा रोल नंबर याद है
Salman Zafar
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दुनिया की फ़िक्र छोड़, न यूँँ अब उदास बैठ ये वक़्त रब की देन है, अम्मी के पास बैठ
Salman Zafar
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