अपने होंटों से कहो फूल को चू में हर रोज़ जब मेरे लब नहीं होंगे तो सहूलत होगी
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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ज़रा सी आँख करनी है हमें बंद बहुत मुश्किल नहीं मरना हमारा
Shahbaz Rizvi
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कितनी मुश्किल के बा'द टूटा है एक रिश्ता कभी जो था ही नहीं
Shahbaz Rizvi
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इक रोज़ इक नदी के किनारे मिलेंगे हम इक दूसरे से अपना पता पूछते हुए
Shahbaz Rizvi
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ख़्वाब के आस पास रह रह कर थक गया हूँ उदास रह रह कर
Shahbaz Rizvi
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