ख़्वाब के आस पास रह रह कर थक गया हूँ उदास रह रह कर
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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ज़रा सी आँख करनी है हमें बंद बहुत मुश्किल नहीं मरना हमारा
Shahbaz Rizvi
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अपने होंटों से कहो फूल को चू में हर रोज़ जब मेरे लब नहीं होंगे तो सहूलत होगी
Shahbaz Rizvi
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कितनी मुश्किल के बा'द टूटा है एक रिश्ता कभी जो था ही नहीं
Shahbaz Rizvi
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इक रोज़ इक नदी के किनारे मिलेंगे हम इक दूसरे से अपना पता पूछते हुए
Shahbaz Rizvi
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