अपने साथ लिए जाता है आँखों को और कानों को कुछ लोगों के जाने का सन्नाटा ऐसा होता है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए
Aadil Rasheed
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वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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माँग नहीं भर पाया उस की दो आँखों को भर आया हूँ
Aatish Alok
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मनाने को शहंशाह तो कभी शाह कह रही हो जो मेरी जाँ तुम मुझे इक बार अपना क्यूँ नहीं कहती
Aatish Alok
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कभी मिलो तो बताएँ तुम्हें कि क्या है मुझे, जिसे समझते हो जन्नत वही सज़ा है मुझे मैं हर किसी को तेरे नाम से बुलाता हूँ, बिछड़ के तुझ सेे अजब रोग लग गया है मुझे
Aatish Alok
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कान्हा बनें आतिश भला क्योंकर कहो राधा को ही रुक्मणि बनाना है उसे
Aatish Alok
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मैं ख़ूब ख़ुश रहूँगा तेरे बोसे से मगर, मुझे है तुम सेे पूछना कि ख़ुश रहोगे तुम
Aatish Alok
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