अपनी ही गली का इमरान हाशमी हूँ मैं बात वो अलग हैं लगना गले नहीं आता
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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रेशमी ज़ुल्फ़ों के तुम अपनी इशारे समझो आज रंगीन करें रात क़रीब आ जाओ
Sohaib Alvi
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नील-ओ-नल अगर सेना में नहीं भी होते तो 'राम' नाम के पत्थर फिर भी तैर जाने थे
Sohaib Alvi
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हमें जहन्नमी किताबों तक में भी कहा गया हमीं ने अपने बाप पर भी हाथ तक उठाया है
Sohaib Alvi
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परमिशन चाहता हूँ देख ये शीशे से मैं बाँधने लग गया हूँ रस्सी को पंखे से मैं
Sohaib Alvi
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इक तो फ़ुर्सत ही नहीं दफ़्तर से मुझ को हाए रे! ऊपर से ये कमबख़्त औरत
Sohaib Alvi
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