और आज मैं अकेला हो कर वहीं से आया पहले कभी जहाँ अपना राब्ता हुआ था
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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तेरे कहने से सब ख़तम कैसे मेरी उम्मीद अब भी बाकी है
Vicky Kumar Rajak
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तू तो सच में ही झूठा निकला यारा तू तो कहता था हम मिलते रहेंगे
Vicky Kumar Rajak
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जैसे खिल जाती थी तू बारिश में वैसी मेरी उदासी है बरसात
Vicky Kumar Rajak
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सब ख़त तेरे जला दिए यादें तेरी जली नहीं
Vicky Kumar Rajak
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रात भर जो मेरा साया बना था दिन में मुझ को वो किधर छोड़ गया
Vicky Kumar Rajak
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