ब हुक्में रब तेरे खेतों की दहकाँ मुसलसल आबयारी हो रही है
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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मैं तमाम दिन का थका हुआ तू तमाम शब का जगा हुआ ज़रा ठहर जा इसी मोड़ पर तेरे साथ शाम गुज़ार लूँ
Bashir Badr
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अपनी मुट्ठी में छुपा कर किसी जुगनू की तरह हम तेरे नाम को चुपके से पढ़ा करते हैं
Aleena Itrat
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ये उस की मोहब्बत है कि रुकता है तेरे पास वरना तेरी दौलत के सिवा क्या है तेरे पास
Zia Mazkoor
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ये जहाँ प्यार ही से रौशन है कुछ यहाँ प्यार बिन नहीं होता प्यार की एक उम्र होती है प्यार का एक दिन नहीं होता
Wajid Husain Sahil
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वो हाथों से निकलते जा रहे हैं जिन्हें सर पे बिठाना चाहता हूँ
Wajid Husain Sahil
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वो फिर सताने लगे याद हम को आ कर के जिन्हें भुलाया था हम ने खु़दा- ख़ुदा कर के
Wajid Husain Sahil
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ख़्याल बन के ज़माने को याद आएँगे हम ऐसे शख़्स कहाँ, जो भुला दिए जाएँ
Wajid Husain Sahil
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कुछ देर तो रहा वो निगाहों के सामने फिर यूँँ हुआ कि मुझ में ही तहलील हो गया
Wajid Husain Sahil
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