कुछ देर तो रहा वो निगाहों के सामने फिर यूँँ हुआ कि मुझ में ही तहलील हो गया
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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वो हाथों से निकलते जा रहे हैं जिन्हें सर पे बिठाना चाहता हूँ
Wajid Husain Sahil
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सवाल अपनी अना का जहाँ भी आ जाए वहाँ पे सर नहीं पगड़ी बचानी पड़ती है
Wajid Husain Sahil
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वो फिर सताने लगे याद हम को आ कर के जिन्हें भुलाया था हम ने खु़दा- ख़ुदा कर के
Wajid Husain Sahil
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तेरे मेरे मिलन का ख़्वाब नाज़ुक आइने सा है लगे आवाज़ का पत्थर तो सपना टूट जाता है
Wajid Husain Sahil
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सब्र आने की देर है वरना तू भी दिल से उतर ही जाएगा
Wajid Husain Sahil
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