सवाल अपनी अना का जहाँ भी आ जाए वहाँ पे सर नहीं पगड़ी बचानी पड़ती है
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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यूँँ इन आँखों को तड़पने की सज़ा दी उस ने अपनी तस्वीर ही डीपी से हटा दी उस ने
Wajid Husain Sahil
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मेरी आमद से भला क्यूँ आइने डरने लगे मेरे हाथों में तो साहिल कोई पत्थर भी नहीं
Wajid Husain Sahil
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कैसी अब सालगिरह कैसी बधाई लोगों वो जो बिछड़ा तो मेरी उम्र घटा दी उस ने
Wajid Husain Sahil
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हाट इक रोज़ मेरे गाँव का आ कर देखो यहाॅं फ़्रीज़र नहीं मिट्टी के घड़े मिलते हैं
Wajid Husain Sahil
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ये जहाँ प्यार ही से रौशन है कुछ यहाँ प्यार बिन नहीं होता प्यार की एक उम्र होती है प्यार का एक दिन नहीं होता
Wajid Husain Sahil
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