बस इक ही घूंट पीने पर कभी फिर होंट ना सूखें हमारी प्यास को क्यूँ ऐसा मयखाना नहीं मिलता
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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तेरी हर इक निशानी मिट चुकी है बस इक तेरा दिया रुमाल बाकी मेरा अब हाल क्या तुम पूँछतीं हो मेरा कोई नहीं जब हाल बाकी
Aditya
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झूठ कहना मुझे नहीं आता पर चलो इज़्तिहाद करता हूँ अब तेरी याद ख़ुद नहीं आती तौर-ए-रस्मन मैं याद करता हूँ
Aditya
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ये जो कुछ घर तुम्हारे और मेरे बीच में हैं ना कि लज्जत इश्क़ में अपने इसी चलते नहीं आती
Aditya
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उसे इज़हार करने में कहीं देरी न हो जाए ज़रा सी देर हो तो रेल गाड़ी छूट जाती है
Aditya
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ज़रा सी पी जो ली हम ने बपा है क्यूँ ये हंगामा दिवाने मीर-ओ-ग़ालिब के करें ना ये करें तो क्या
Aditya
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