बस ना कर दो मुझे चुप हो के चला जाऊँगा मैं मुसाफ़िर हूँ तलैयुल से चला जाऊँगा एक के होते हुए भी किसी और की चाहत ऐसी उल्फ़त से अलग हो के चला जाऊँगा
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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मुझे आज़ाद कर दो एक दिन सब सच बता कर तुम्हारे और उस के दरमियाँ क्या चल रहा है
Tehzeeb Hafi
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या'नी तुम वो हो वाक़ई हद है मैं तो सच-मुच सभी को भूल गया
Jaun Elia
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तुम कभी नहीं आना चाहती हो मेरे घर दुख कभी नहीं होता गर मिला नहीं होता
Vikas Shah musafir
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उसे जाना था तो जाने दिया रोका नहीं मैं ने ज़बरदस्ती का रिश्ता अब मुझे उस सेे नहीं रखना
Vikas Shah musafir
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समझा कर वो दोस्त थी मेरी जैसे कि वो अब दोस्त तेरा है
Vikas Shah musafir
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पता है तुम को उस दिन क्या हुआ था किसी ने तोड़ डाला था मेरा दिल
Vikas Shah musafir
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तुम मेरी पहली उल्फ़त हो जानाँ तुम को मेरा होकर ही रहना है
Vikas Shah musafir
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