be-khud bhi hain hoshiyar bhi hain dekhne wale in mast nigahon ki ada aur hi kuchh hai
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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उम्मीद तो थी कि दिन बदलेंगे अपने कभी दिन ऐसे बदले कि अब उम्मीद तक भी नहीं
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उस सेे कहने में जब शरम आई तब मिरे हाथों में क़लम आई ज़िन्दगी मेरे हिस्से में तू भी आई लेकिन बहुत ही कम आई
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उदासी भी तो इक व्रत ही है वो भी ऐसा व्रत कि हँस लेने से भी जो टूटने वाला नहीं
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वो तो दिल जैसा धड़कता है मेरे सीने में दम निकल जाएगा जब दूर चला जाएगा
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वो शहर मेरा क्यूँ छोड़ दिया अब किस को देख के शे'र कहूँ
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