क़ौल-ए-नबी है जो रखे ज़हरा से दुश्मनी रू-ए-ज़मीं पे चलना भी उस का हराम है
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आप बच्चों का दिल नहीं तोड़ें भाई ये दुश्मनी हमारी है
Vishnu virat
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चले चलिए कि चलना ही दलील-ए-कामरानी है जो थक कर बैठ जाते हैं वो मंज़िल पा नहीं सकते
Hafeez Banarasi
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वो बे-वफ़ा है तो क्या मत कहो बुरा उस को कि जो हुआ सो हुआ ख़ुश रखे ख़ुदा उस को
Naseer Turabi
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इतना ऊँचा उड़ना भी कुछ ठीक नहीं पाबंदी लग जाती है परवाज़ों पर तुझ को छू कर और किसी की चाह रखे हैरत है और लानत है ऐसे हाथों पर
Varun Anand
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तुझे हम ख़ुश रखेंगे ज़िंदगी भर ये वा'दा है, मगर दावा नहीं है ग़ज़ल में बस उदासी भर रखी है ज़रा भी हुस्न का चर्चा नहीं है
Shaad Imran
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दिल सोचता है बस ये फ़राग़त के वक़्त में मिलने के तुझ सेे ख़्वाब जो देखे थे क्या हुए जो इक अदा पे जान लुटा देते थे कभी वो सारे दावेदार मोहब्बत के क्या हुए
Almas Rizvi
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अता किया हुआ नाम ओ नुमूद बे-मानी न हो ख़ुलूस तो सारे सुजूद बे-मानी
Almas Rizvi
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हम कि जी से उतर गए सबके वो कि दिल में समाए जाते हैं
Almas Rizvi
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तुम्हारी दीद की ख़्वाहिश लिए वो बैठे हैं तुम्हारी दीद ही बीमार की शिफ़ा ठहरी
Almas Rizvi
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इस मतलबी जहान में अपना नहीं मिला ग़म तो मिले ग़मों का मदावा नहीं मिला लोगों का इक हुजूम था मतलब के वास्ते चाहे जो दिल से एक भी ऐसा नहीं मिला
Almas Rizvi
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