चाँद ने ओढ़ ली है चादर-ए-अब्र अब वो कपड़े बदल रही होगी
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अब उस की शादी का क़िस्सा न छेड़ो बस इतना कह दो कैसी लग रही थी
Zubair Ali Tabish
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ग़म-ए-फ़ुर्क़त का शिकवा करने वाली मेरी मौजूदगी में सो रही है
Jaun Elia
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मेरी तक़दीर में जलना है तो जल जाऊँगा तेरा वा'दा तो नहीं हूँ जो बदल जाऊँगा
Sahir Ludhianvi
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जो तूफ़ानों में पलते जा रहे हैं वही दुनिया बदलते जा रहे हैं
Jigar Moradabadi
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हसीन लड़कियाँ ख़ुश्बूएँ चाँदनी रातें और इन के बा'द भी ऐसी सड़ी हुई दुनिया
Ameer Imam
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अब जो रिश्तों में बँधा हूँ तो खुला है मुझ पर कब परिंद उड़ नहीं पाते हैं परों के होते
Jaun Elia
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ये धोखे देता आया है दिल को भी दुनिया को भी इस के छल ने खार किया है सहरा में लैला को भी
Jaun Elia
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ख़ूब है इश्क़ का ये पहलू भी मैं भी बर्बाद हो गया तू भी
Jaun Elia
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याद उसे इंतिहाई करते हैं सो हम उस की बुराई करते हैं
Jaun Elia
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अब मेरी कोई ज़िंदगी ही नहीं अब भी तुम मेरी ज़िंदगी हो क्या
Jaun Elia
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