चमन में आप की तरह गुलाब एक भी नहीं हुज़ूर एक भी नहीं जनाब एक भी नहीं
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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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वो गुल-फ़रोश कहाँ अब गुलाब किस से लूँ नहीं रहा मिरा साक़ी शराब किस से लूँ
Anwar Shaoor
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हमेशा हाथों में होते हैं फूल उन के लिए किसी को भेज के मँगवाने थोड़ी होते हैं
Anwar Shaoor
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सिर्फ़ उस के होंट काग़ज़ पर बना देता हूँ मैं ख़ुद बना लेती है होंटों पर हँसी अपनी जगह
Anwar Shaoor
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इस तअल्लुक़ में नहीं मुमकिन तलाक़ ये मोहब्बत है कोई शादी नहीं
Anwar Shaoor
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मेरे घर के तमाम दरवाज़े तुम से करते हैं प्यार आ जाओ
Anwar Shaoor
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