sherKuch Alfaaz
दर्द ऐसा नज़र-अंदाज़ नहीं कर सकते जब्त ऐसा की हम आवाज नहीं कर सकते बात तो तब थी कि तू छोड़ के जाता ही नहीं अब तेरे मिलने पे हम नाज नहीं कर सकते
Ismail Raaz64 Likes
दर्द ऐसा नज़र-अंदाज़ नहीं कर सकते जब्त ऐसा की हम आवाज नहीं कर सकते बात तो तब थी कि तू छोड़ के जाता ही नहीं अब तेरे मिलने पे हम नाज नहीं कर सकते
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