dard-e-hijrat ke satae hue logon ko kahin saya-e-dar bhi nazar aae to ghar lagta hai
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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याद भूले हुए लोगों को किया जाता है भूल जाओ कि तुम्हें याद किया जाएगा
Charagh Sharma
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ये हम ही हैं कि किसी के अगर हुए तो हुए तुम्हारा क्या है कोई होगा कोई था कोई है
Irfan Sattar
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और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनिया बुरी लग गई जिस को आबाद करते हुए मेरे मां-बाप की ज़िंदगी लग गई
Tehzeeb Hafi
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इशारा कर रहे हैं बाल ये बिखरे हुए क्या तू मेरे पास आया है कहीं होते हुए क्या ये इतना हँसने वाले इश्क़ में टूटे हुए लोग तू इन से पूछना अंदर से भी अच्छे हुए क्या
Kushal Dauneria
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