दरिया इतना जो पानी ले कर बहता है भीतर कोई कहानी ले कर बहता है
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है
Bhaskar Shukla
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
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प्रेम जब मन में हुआ भेद सारे औन हैं कर रहे हैं बात दिल शब्द सारे मौन हैं
Kumar Prem Pinaki
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इतने चेहरे हैं दुनिया में कोई हर चेहरे पर मरता क्या तुम सेे बेहतर यूँँ न सोचा था बस तुम पर मरता करता क्या
Kumar Prem Pinaki
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ये दुनिया कितनी प्यारी है इस में ही दुनिया सारी है जीता है उस ने कितना कुछ इक शर्त अभी भी हारी है
Kumar Prem Pinaki
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पहले हिम्मत बाँधी फिर हिम्मत से दो चार किया क़िस्मत की ऑंधी आई हार नहीं स्वीकार किया
Kumar Prem Pinaki
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संघर्ष बिना जो जीता है वो जीता कोई ख़ास नहीं दुनिया में कोई राम नहीं जिस का अपना वनवास नहीं
Kumar Prem Pinaki
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