दे कर लब पे निशान वो पूछा बता कि और क्या है ख़्वाइश तेरी
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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टूटा जब तारा तो आँखें हर एक ने मूँद लीं कोई तो देखता आसमाँ को भी रोते हुए
Prakash Pandey
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आलम में करते हो नुमाइश इस क़दर रंज-ओ-अलम की ये लब नहीं खुलते जो ग़म ना-क़ाबिल-ए-बरदाश्त होता
Prakash Pandey
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रख दे जो हाथ दिल पे तो शायद चैन आ जाए नादाँ मेरे दिल तक कोई दवा नहीं जाती
Prakash Pandey
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उन सेे करने गए इश्क़ के मसअलों के हिसाब हँस के कहने लगे आप को नींद तो आती है
Prakash Pandey
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कुछ तो ग़लतियाँ तुम ने भी की होंगी ये न कहो कि मुहब्बत चीज़ बुरी है
Prakash Pandey
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