देने लग जाऊँ मैं भी हूँ में जवाब इतना बातों को मुख़्तसर कर लूँ
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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सूखते पेड़ में जान आ ही गई ज़ख़्म को आपने जब हरा कह दिया
Tarique Jamal
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सिर्फ़ तीन घंटों में ज़िन्दगी गुज़ारेंगे फिल्म इक बनाएँगे और देख लेंगे हम
Tarique Jamal
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सुनी है ये ख़बर जबसे भरोसा उठ गया मेरा दवाई खा रहे थे जो दवाई खा गई उन को
Tarique Jamal
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पोस्ट करते हैं सिर्फ़ दो मिसरे शे'र को वक़्त भी नहीं देते
Tarique Jamal
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कौन सुनता है अब बुजुर्गों की कौन बरगद की छांव में बैठे
Tarique Jamal
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