सूखते पेड़ में जान आ ही गई ज़ख़्म को आपने जब हरा कह दिया
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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सिर्फ़ तीन घंटों में ज़िन्दगी गुज़ारेंगे फिल्म इक बनाएँगे और देख लेंगे हम
Tarique Jamal
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पोस्ट करते हैं सिर्फ़ दो मिसरे शे'र को वक़्त भी नहीं देते
Tarique Jamal
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सुनी है ये ख़बर जबसे भरोसा उठ गया मेरा दवाई खा रहे थे जो दवाई खा गई उन को
Tarique Jamal
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रूह का जिस्म से जुदा होना आप की हम कमी समझते हैं
Tarique Jamal
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झूठ कहते हैं जान हाज़िर है कोई मरता नहीं मुरव्वत में
Tarique Jamal
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