धूप निकली है बारिशों के ब'अद वो अभी रो के मुस्कुराए हैं
sherKuch Alfaaz
Anjum Ludhianvi31 Likes
Related Sher
मना भी लूँगा गले भी लगाऊँगा मैं 'अली' अभी तो देख रहा हूँ उसे ख़फ़ा कर के
Ali Zaryoun
99 likes
धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
136 likes
जाने कैसे ख़ुश रहने की आदत डाली जाती है उन के यहाँ तो बारिश में भी धूप निकाली जाती है
Ritesh Rajwada
41 likes
धूप को साया ज़मीं को आसमाँ करती है माँ हाथ रख कर मेरे सर पर सायबाँ करती है माँ मेरी ख़्वाहिश और मेरी ज़िद उस के क़दमों पर निसार हाँ की गुंज़ाइश न हो तो फिर भी हाँ करती है माँ
Nawaz Deobandi
49 likes
वहम मुझ को ये भाता है अभी मेरी दीवानी है मगर मेरी दीवानी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
49 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Anjum Ludhianvi.
Similar Moods
More moods that pair well with Anjum Ludhianvi's sher.







