धूप को साया ज़मीं को आसमाँ करती है माँ हाथ रख कर मेरे सर पर सायबाँ करती है माँ मेरी ख़्वाहिश और मेरी ज़िद उस के क़दमों पर निसार हाँ की गुंज़ाइश न हो तो फिर भी हाँ करती है माँ
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चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है मैं ने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है
Munawwar Rana
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मेरे हुजरे में नहीं और कहीं पर रख दो आसमाँ लाए हो ले आओ ज़मीं पर रख दो
Rahat Indori
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निगाहों के तक़ाज़े चैन से मरने नहीं देते यहाँ मंज़र ही ऐसे हैं कि दिल भरने नहीं देते हमीं उन से उमीदें आसमाँ छूने की करते हैं हमीं बच्चों को अपने फ़ैसले करने नहीं देते
Waseem Barelvi
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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या
Ankita Singh
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ख़ुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना ये सारे खेल हैं, इन में उदास मत होना
Kumar Vishwas
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अंजाम उस के हाथ है आग़ाज़ कर के देख भीगे हुए परों से ही परवाज़ कर के देख
Nawaz Deobandi
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भूलना चाहा अगर उस को कभी और भी वो याद आया देर तक
Nawaz Deobandi
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बद-नज़र उठने ही वाली थी किसी की जानिब अपने बेटी का ख़याल आया तो दिल काँप गया
Nawaz Deobandi
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सच्चाई को अपनाना आसान नहीं दुनिया भर से झगड़ा करना पड़ता है
Nawaz Deobandi
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हर एक सितम पे दाद दी हर ज़ख़्म पे दुआ हम ने भी दुश्मनों को सताया बहुत दिनों
Nawaz Deobandi
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