दोस्त सफ़र में दम घुटने लग जाए तो फिर रस्ते में पेड़ उगाना पड़ता है कौन सुनेगा चुप की भाषा दोस्त यहाँ दिल टूटे तो शोर मचाना पड़ता है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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वो आईना भी हम सेे अब बोला है जो पहले उल्टा सीधा सब बोला है मैं बरसों से क़ैदी हूँ अपने दिल में तुझ को थोड़ा घाव मिला तब बोला है
Manish watan
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आ जाएगा लौट के वो इक रोज़ कहीं हम ने भी रातों को जगकर देखा है
Manish watan
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जिस दिन ये ग़म समझेगा मेरे दुख का मतलब उस दिन ही ये मर जाएगा यार बिचारा दुख
Manish watan
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आ जाएगा लौट के वो इक रोज़ कहीं हम ने भी रातों को जगकर देखा है
Manish watan
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तेरे ख़ातिर ज़िंदगानी इक काम ज़रूरी है पत्थर डूब के उछले ऐसा नाम ज़रूरी है मुझ को करनी है मन मानी अपनी ख़ूबी पर दोस्त ख़ुदा तक जाना ये पैग़ाम ज़रूरी है
Manish watan
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