दुनिया से अलग जा के कहीं सर फोड़ो या जीते ही जी मुर्दों से नाता जोड़ो क्यूँँ ठोकरें खाने को पड़े हो बेकार बढ़ना है बढ़ो नहीं तो रस्ता छोड़ो
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई काँटा कोई पत्थर नहीं है तो फिर तू सीधे रस्ते पर नहीं है मैं इस दुनिया के अंदर रह रहा हूँ मगर दुनिया मेरे अंदर नहीं है
Zubair Ali Tabish
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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तुम ने छोड़ा तो किसी और से टकराऊँगा मैं कैसे मुमकिन है कि अंधे का कहीं सर न लगे
Umair Najmi
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वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर आदत इस की भी आदमी सी है
Gulzar
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मुसीबत का पहाड़ आख़िर किसी दिन कट ही जाएगा मुझे सर मार कर तेशे से मर जाना नहीं आता
Yagana Changezi
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सब्र करना सख़्त मुश्किल है तड़पना सहल है अपने बस का काम कर लेता हूँ आसाँ देख कर
Yagana Changezi
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हँस के कहता है कि घर अपना क़फ़स को समझो सबक़ उल्टा मेरा सय्याद पढ़ाता है मुझे
Yagana Changezi
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दर्द हो तो दवा भी मुमकिन है वहम की क्या दवा करे कोई
Yagana Changezi
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क्यूँँ किसी से वफ़ा करे कोई दिल न माने तो क्या करे कोई
Yagana Changezi
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