एक बरस और बीत गया कब तक ख़ाक उड़ानी है
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किताब फ़िल्म सफ़र इश्क़ शा'इरी औरत कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढ़ता हुआ मैं
Jawwad Sheikh
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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तेरी ख़ता नहीं जो तू ग़ुस्से में आ गया पैसे का ज़ो'म था तेरे लहजे में आ गया सिक्का उछालकर के तेरे पास क्या बचा तेरा ग़ुरूर तो मेरे काँसे में आ गया
Mehshar Afridi
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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मेरी कोशिश तो यही है कि ये मासूम रहे और दिल है कि समझदार हुआ जाता है
Vikas Sharma Raaz
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इरादा तो नहीं है ख़ुद-कुशी का मगर मैं ज़िंदगी से ख़ुश नहीं हूँ
Vikas Sharma Raaz
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अभी तो शाम की दस्तक हुई है अभी से लग गया बिस्तर हमारा यही तन्हाई है जन्नत हमारी इसी जन्नत में है अब घर हमारा
Vikas Sharma Raaz
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