एक फ़न है बिखर जाना और मैं उस्ताद हूँ इस में
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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कोरे काग़ज़ पर रो रहे हो तुम मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम क्या कहा मुझ सेे दूर जाना है इस का मतलब है जा चुके हो तुम
Zubair Ali Tabish
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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ज़िन्दगी मेरी नज़रों से तू गिर चुकी और मैं भी गिरी चीज़ रखता नहीं
Abdulla Asif
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वहाँ पे जाके क़दम डगमगाने लगते हैं इसी लिए तो बुलंदी पे मैं नहीं जाता
Abdulla Asif
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ज़हर ने उस को ज़िंदगी दे दी वरना सुकरात मर गया होता
Abdulla Asif
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मुझ को सूरज से शिकवा नहीं चाँदनी दिन में दिख जाएगी
Abdulla Asif
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मुझ को जो आपने यूँँ पुकारा है बे जनाब तौहीन हो गई है मेरी पाक-ज़ात की
Abdulla Asif
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