ज़हर ने उस को ज़िंदगी दे दी वरना सुकरात मर गया होता
Related Sher
अव्वल तो मैं नाराज़ नहीं होता हूँ लेकिन हो जाऊँ तो फिर मुझ सेा बुरा होता नहीं है
Ali Zaryoun
101 likes
किताब फ़िल्म सफ़र इश्क़ शा'इरी औरत कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढ़ता हुआ मैं
Jawwad Sheikh
109 likes
ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए
Aadil Rasheed
100 likes
हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
207 likes
ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
174 likes
More from Abdulla Asif
रो रो के कह रही है धनक धिन धनक धनक इक साज़ तेरे लम्स से जो आश्ना नहीं
Abdulla Asif
5 likes
क़ीमत मुकर्रर है तिरी हम तो मुनासिब दाम हैं
Abdulla Asif
5 likes
उदासियों के समुंदर में डूब जाता मैं जो कहकहा न लगाता तो और क्या करता
Abdulla Asif
5 likes
मुझ को सूरज से शिकवा नहीं चाँदनी दिन में दिख जाएगी
Abdulla Asif
5 likes
मुझ को जो आपने यूँँ पुकारा है बे जनाब तौहीन हो गई है मेरी पाक-ज़ात की
Abdulla Asif
5 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Abdulla Asif.
Similar Moods
More moods that pair well with Abdulla Asif's sher.







