उदासियों के समुंदर में डूब जाता मैं जो कहकहा न लगाता तो और क्या करता
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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इक मसीहा जन्म लेने जा रहा है मरयमों के हाथ काटे जा रहे हैं
Abdulla Asif
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क़ीमत मुकर्रर है तिरी हम तो मुनासिब दाम हैं
Abdulla Asif
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ज़िन्दगी मेरी नज़रों से तू गिर चुकी और मैं भी गिरी चीज़ रखता नहीं
Abdulla Asif
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ख़ला की ज़ीनतें महफ़िल ख़ला की शान है सूरज सितारे रक़्स करते हैं तेरे आगे तेरे पीछे क़मर के नूर से ऊपर तू ही अफ़ज़ल तू ही पारस वो सारे रंग फ़ीके हैं तेरे आगे तेरे पीछे
Abdulla Asif
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ख़ता ऐसी भी क्या कर दी जहन्नम ने जहन्नम को जहन्नम क्यूँ मिली आख़िर
Abdulla Asif
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