ख़ला की ज़ीनतें महफ़िल ख़ला की शान है सूरज सितारे रक़्स करते हैं तेरे आगे तेरे पीछे क़मर के नूर से ऊपर तू ही अफ़ज़ल तू ही पारस वो सारे रंग फ़ीके हैं तेरे आगे तेरे पीछे
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ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए
Aadil Rasheed
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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या
Ankita Singh
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नज़र आए न तू जिन को परेशानी से मरते हैं जो तुझ को देख लेते हैं वो हैरानी से मरते हैं
Varun Anand
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शिकारी से बचने में कैसा कमाल निशाने पे रहना बड़ी बात है
Shariq Kaifi
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सब परिंदों से प्यार लूँगा मैं पेड़ का रूप धार लूँगा मैं तू निशाने पे आ भी जाए अगर कौन सा तीर मार लूँगा मैं
Tehzeeb Hafi
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ज़हर ने उस को ज़िंदगी दे दी वरना सुकरात मर गया होता
Abdulla Asif
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इक मसीहा जन्म लेने जा रहा है मरयमों के हाथ काटे जा रहे हैं
Abdulla Asif
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तू नुक़्ताचीं ज़रा चखकर बता कि आख़िर ज़हर में क्या नुक़्स है
Abdulla Asif
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क़ीमत मुकर्रर है तिरी हम तो मुनासिब दाम हैं
Abdulla Asif
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तुम्हें मंज़र का हो जाए अगर इतना भी अंदाज़ा ज़मीन ए कर्बला पर फिर तो माथा टेक दोगे तुम
Abdulla Asif
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