इक मसीहा जन्म लेने जा रहा है मरयमों के हाथ काटे जा रहे हैं
Related Sher
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
331 likes
ओ मेरी सोलमेट जन्मों से है तू ही फेवरेट जन्मों से इस जन्म में तो मेरी हो जाना कर रहा हूँ मैं वेट जन्मों से
Sandeep Thakur
76 likes
More from Abdulla Asif
एक फ़न है बिखर जाना और मैं उस्ताद हूँ इस में
Abdulla Asif
4 likes
फिर चली आई है ये दुनिया सहारा देने इनसे इत्लाफ़ भी मेरा नहीं देखा जाता बीच मँझधार से क्यूँँ मुझ को बचा लाए हो उतना ही उठता मैं जितना कि डुबाया जाता
Abdulla Asif
5 likes
फिर भी हमारा दाग़-ए-गिरेबाँ न दिख सका हम आइने के सामने गर्दन-फ़राज़ थे
Abdulla Asif
5 likes
तू नुक़्ताचीं ज़रा चखकर बता कि आख़िर ज़हर में क्या नुक़्स है
Abdulla Asif
5 likes
बड़ा होकर जो छोटे लोगों की ताज़ीम करता है ज़माना ऐसे ही इंसान को तसलीम करता है चलो छोड़ो सियासत के पुराने ता'ने बाने को यही वो फ़लसफ़ा है जो हमें तक़्सीम करता है
Abdulla Asif
5 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Abdulla Asif.
Similar Moods
More moods that pair well with Abdulla Asif's sher.







