क़ीमत मुकर्रर है तिरी हम तो मुनासिब दाम हैं
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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अफ़लाक से आगे न निकल जाएँ तसव्वुर महदूद ज़मीं तक ही ख़यालों को रखें आप
Abdulla Asif
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ज़िन्दगी मेरी नज़रों से तू गिर चुकी और मैं भी गिरी चीज़ रखता नहीं
Abdulla Asif
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एक फ़न है बिखर जाना और मैं उस्ताद हूँ इस में
Abdulla Asif
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वहाँ पे जाके क़दम डगमगाने लगते हैं इसी लिए तो बुलंदी पे मैं नहीं जाता
Abdulla Asif
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मुझ को सूरज से शिकवा नहीं चाँदनी दिन में दिख जाएगी
Abdulla Asif
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