इक नज़र भी तू मुझ को देखता नहीं हैं अब जान इस क़दर तुझ को चुभने लग गया हूँ मैं
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
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तुम्हारी यादें हैं सो कैसे इनको भूल जाएँ हम भला कोई हवा के बिन जिया है और जी सकता है
ATUL SINGH
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जी रहा था देख कर जिस शख़्स को ये ज़िंदगी मैं एक अर्सा हो गया है, वो दिखा मुझ को नहीं है
ATUL SINGH
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आप जो कुछ भी कहे मुझ से वो सब कुछ ही सही है इश्क़ भोला है मेरा इतना, मगर अंधा नहीं है
ATUL SINGH
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जानता हूँ कि हवाएँ तुझे बहकाती हैं जा चराग़ों की तरह तू भी उजाला कर दे
ATUL SINGH
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दुआएँ साथ जिस के हो वतन की वो क्या जाने कि रण में हार क्या है
ATUL SINGH
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