sherKuch Alfaaz

एक पंछी जिस को उड़ने की तलब थी चाह थी पर घोंसले से प्यार इतना था कि वो फिर उड़ न पाई

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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी

Ali Zaryoun

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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए

Jaun Elia

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लड़ सको दुनिया से जज़्बों में वो शिद्दत चाहिए इश्क़ करने के लिए इतनी तो हिम्मत चाहिए कम से कम मैं ने छुपा ली देख कर सिगरेट तुम्हें और इस लड़के से तुम को कितनी इज़्ज़त चाहिए

Nadeem Shaad

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कोरे काग़ज़ पर रो रहे हो तुम मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम क्या कहा मुझ सेे दूर जाना है इस का मतलब है जा चुके हो तुम

Zubair Ali Tabish

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झेला है मैं ने तीन सौ पैंसठ दुखों का साल चाहो तो पिछले बारह महीनों से पूछ लो

Rehman Faris

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