इक रोज़ अपनी सारी थकन को उतार कर जाना पड़ेगा यार बदन को उतार कर
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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जहाँ से जी न लगे तुम वहीं बिछड़ जाना मगर ख़ुदा के लिए बे-वफ़ाई न करना
Munawwar Rana
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प्यार का रिश्ता ऐसा रिश्ता शबनम भी चिंगारी भी या'नी उन सेे रोज़ ही झगड़ा और उन्हीं से यारी भी
Ateeq Allahabadi
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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
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उस ने सारी दुनिया माँगी मैं ने उस को माँगा है उस के सपने एक तरफ़ हैं मेरा सपना एक तरफ़
Varun Anand
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तुम्हारे ख़्वाब आँखों में सजा कर किसी दिल में ठिकाना कर रहे हैं
Khalid Azad
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मैं भी तो इसी ख़ाक से तामीर हुआ हूँ मुझ में भी कई रंग ज़माने के मिलेंगे
Khalid Azad
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मैं ने कमरे से देख ली दुनिया तेरी तस्वीर सामने रख कर
Khalid Azad
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ख़त्म होगा एक दिन ये भी सफ़र एक दिन सब राएगाँ हो जाएगा
Khalid Azad
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मुसलसल रो रहे हैं इन दिनों हम हमें किलकारियाँ मँहगी पड़ी हैं
Khalid Azad
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