मैं ने कमरे से देख ली दुनिया तेरी तस्वीर सामने रख कर
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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तुम्हारे ख़्वाब आँखों में सजा कर किसी दिल में ठिकाना कर रहे हैं
Khalid Azad
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ख़ुद से मिलने का वक़्त मिल जाए तेरे बारे में तब मैं सोचूँगा
Khalid Azad
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ख़त्म होगा एक दिन ये भी सफ़र एक दिन सब राएगाँ हो जाएगा
Khalid Azad
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मैं भी तो इसी ख़ाक से तामीर हुआ हूँ मुझ में भी कई रंग ज़माने के मिलेंगे
Khalid Azad
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मुसलसल रो रहे हैं इन दिनों हम हमें किलकारियाँ मँहगी पड़ी हैं
Khalid Azad
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