ख़ुद से मिलने का वक़्त मिल जाए तेरे बारे में तब मैं सोचूँगा
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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मैं ने कमरे से देख ली दुनिया तेरी तस्वीर सामने रख कर
Khalid Azad
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मैं भी तो इसी ख़ाक से तामीर हुआ हूँ मुझ में भी कई रंग ज़माने के मिलेंगे
Khalid Azad
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तुम्हारे ख़्वाब आँखों में सजा कर किसी दिल में ठिकाना कर रहे हैं
Khalid Azad
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मुसलसल रो रहे हैं इन दिनों हम हमें किलकारियाँ मँहगी पड़ी हैं
Khalid Azad
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हमें दरकार है फिर इक सफ़र की ज़रा सा काम बाक़ी रह गया है
Khalid Azad
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