एक तस्वीर जो बन आती है बीनाई में याद बस उस को ही करता हूँ मैं तन्हाई में हम को अब जाके ये मालूम हुआ है यारों कितना कुछ होता है इक शख़्स की परछाई में
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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देखो इतना भी ये आसान नहीं होता है ग़म हो तो कौन परेशान नहीं होता है इश्क़ में ख़ुद-कुशी करने जा रहे ऐ लड़के तुम तो कहते थे कि नुक़सान नहीं होता है
Kumar gyaneshwar
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वफ़ा की बात पर इतनी शिकायत कौन करता है न जाने इन गुलाबों से मोहब्बत कौन करता है हमारे साथ रह कर तुम भी इतना सीख जाओगे पुरानी याद की आख़िर हिफाज़त कौन करता है।
Kumar gyaneshwar
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दुआएँ देता है पर मसअले का हल नहीं करता मैं और करता भी क्या ख़ुद को अगर पागल नहीं करता मोहब्बत भी नहीं मिलती न दिल ये टूटता ही है ख़ुदा मुझ को किसी भी काम में अव्वल नहीं करता
Kumar gyaneshwar
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कोई इस दर्जा न हो आसान मुझ पर यूँँ लगे अब हो रहा एहसान मुझ पर एक रिश्ता एक वा'दा एक लड़की बस हुआ इतनों का ही नुक़्सान मुझ पर
Kumar gyaneshwar
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जो बच्चे अपनी नादानी में करते हैं वो सब हम जैसे हैरानी में करते हैं न पूछो फ़ायदा हम सेे मोहब्बत का यही इक काम नुक़सानी में करते हैं
Kumar gyaneshwar
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