ग़म ने उस की रोटी तक है छीन ली खा नहीं पाता कभी वो पेट भर
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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किसी की राह तो हैं देखते लेकिन किसी का हम सफ़र होने से डरते हैं
Avinash bharti
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तुम्हारे नाम का जीवन तुम्हारे बिन न कट जाए चलो तुम छोड़ जाना पर कभी यूँँ ही मिला करना
Avinash bharti
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नहीं नींद आई किसी को बिछड़ कर किसी आँख में फिर लगें ख़्वाब पलने
Avinash bharti
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हुक्मरान इस बात से नाशाद है हर किसी की क्यूँ ज़बाँ आज़ाद है
Avinash bharti
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इश्क़ जैसा कहानियों में है कब हक़ीक़त कोई बनाएगा
Avinash bharti
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