हुक्मरान इस बात से नाशाद है हर किसी की क्यूँ ज़बाँ आज़ाद है
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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तुम्हारे नाम का जीवन तुम्हारे बिन न कट जाए चलो तुम छोड़ जाना पर कभी यूँँ ही मिला करना
Avinash bharti
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नहीं नींद आई किसी को बिछड़ कर किसी आँख में फिर लगें ख़्वाब पलने
Avinash bharti
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इश्क़ जैसा कहानियों में है कब हक़ीक़त कोई बनाएगा
Avinash bharti
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किसी की राह तो हैं देखते लेकिन किसी का हम सफ़र होने से डरते हैं
Avinash bharti
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हम टूट गए यूँँ तो उम्मीद रही लेकिन इस रात अँधेरी को इक भोर से मिलना है
Avinash bharti
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