घूम रहे बच्चे लिए ग़म भरी आँखें उन में तलब एक खुले आसमाँ की है
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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बिठा दिया है सिपाही के दिल में डर उस ने तलाशी दी है दुपट्टा उतार कर उस ने मैं इस लिए भी उसे ख़ुद-कुशी से रोकता हूँ लिखा हुआ है मेरा नाम जिस्म पर उस ने
Zia Mazkoor
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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उस शहर-ए-नाकाम के बाशिंदे हैं हम जहाँ मिल कर के मुर्दे सभी ज़िंदा को दफ़नाते हैं
Chetan Verma
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रूह को गाँव की दहलीज़ पे रख कर इक बदन गया है शहर कमाने
Chetan Verma
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मक़ाम-ए-क़ैस के साथ अवाम-ए-तैश के साथ मैं निकला उस के दर से बड़ी ही ऐश के साथ
Chetan Verma
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तू भी ग़म-ए-हयात का है मारा और मैं भी चल इश्क़ छोड़ दर्द का रिश्ता बनाते हैं
Chetan Verma
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लोग सोने को बिस्तर नहीं अब बदन ढूँढ़ते हैं बस मसलने के मक़सद से वहशी चमन ढूँढ़ते हैं हाल इन बेटियों का जहाँ में तिरे देखते जब रात सोने को हम भी ख़ुदाया कफ़न ढूँढ़ते हैं
Chetan Verma
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