हाथ पकड़ ले अब भी तेरा हो सकता हूँ मैं भीड़ बहुत है इस मेले में खो सकता हूँ मैं
Related Sher
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
263 likes
मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
302 likes
इक हुनर है जो कर गया हूँ मैं सब के दिल से उतर गया हूँ मैं
Jaun Elia
241 likes
More from Alam Khursheed
दोस्तों के साथ चलने में भी ख़तरे हैं हज़ार भूल जाता हूँ हमेशा मैं सँभल जाने के बा'द अब ज़रा सा फ़ासला रख कर जलाता हूँ चराग़ तजरबा ये हाथ आया हाथ जल जाने के बा'द
Alam Khursheed
13 likes
कभी कभी कितना नुक़सान उठाना पड़ता है ऐरों ग़ैरों का एहसान उठाना पड़ता है
Alam Khursheed
14 likes
किसी को ढूँडते हैं हम किसी के पैकर में किसी का चेहरा किसी से मिलाते रहते हैं
Alam Khursheed
12 likes
तब्दीलियों का नश्शा मुझ पर चढ़ा हुआ है कपड़े बदल रहा हूँ चेहरा बदल रहा हूँ
Alam Khursheed
19 likes
पूछ रहे हैं मुझ सेे पेड़ों के सौदागर आब-ओ-हवा कैसे ज़हरीली हो जाती है
Alam Khursheed
15 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Alam Khursheed.
Similar Moods
More moods that pair well with Alam Khursheed's sher.







