कभी कभी कितना नुक़सान उठाना पड़ता है ऐरों ग़ैरों का एहसान उठाना पड़ता है
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तेरा चेहरा सुब्ह का तारा लगता है सुब्ह का तारा कितना प्यारा लगता है तुम से मिल कर इमली मीठी लगती है तुम से बिछड़ कर शहद भी खारा लगता है
Kaif Bhopali
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों
Bashir Badr
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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किसी को ढूँडते हैं हम किसी के पैकर में किसी का चेहरा किसी से मिलाते रहते हैं
Alam Khursheed
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हाथ पकड़ ले अब भी तेरा हो सकता हूँ मैं भीड़ बहुत है इस मेले में खो सकता हूँ मैं
Alam Khursheed
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दोस्तों के साथ चलने में भी ख़तरे हैं हज़ार भूल जाता हूँ हमेशा मैं सँभल जाने के बा'द अब ज़रा सा फ़ासला रख कर जलाता हूँ चराग़ तजरबा ये हाथ आया हाथ जल जाने के बा'द
Alam Khursheed
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पूछ रहे हैं मुझ सेे पेड़ों के सौदागर आब-ओ-हवा कैसे ज़हरीली हो जाती है
Alam Khursheed
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तब्दीलियों का नश्शा मुझ पर चढ़ा हुआ है कपड़े बदल रहा हूँ चेहरा बदल रहा हूँ
Alam Khursheed
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