है अभी वक़्त बाज़ आ जाओ जान शह राग के पास ठहरी है
Related Sher
न करो बहस हार जाओगी हुस्न इतनी बड़ी दलील नहीं
Jaun Elia
265 likes
चाय पीते हैं कहीं बैठ के दोनों भाई जा चुकी है ना तो बस छोड़ चल आ जाने दे
Ali Zaryoun
120 likes
तू जो हर रोज़ नए हुस्न पे मर जाता है तू बताएगा मुझे इश्क़ है क्या जाने दे
Ali Zaryoun
119 likes
वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर आदत इस की भी आदमी सी है
Gulzar
113 likes
रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
112 likes
More from Saahir Ubaid Aleemi
रात भर घूमते रहे बादल चाँद को चूमते रहे बादल
Saahir Ubaid Aleemi
0 likes
हम ने बस इक हुनर ही पाया है आँधियों में दिया जलाया है
Saahir Ubaid Aleemi
0 likes
मुसलमाँ को मिटाने की हवस काफ़िर के दिल में है मगर ये भूल बैठे हैं क़यामत तक रहेंगे हम
Saahir Ubaid Aleemi
1 likes
कर के क़ुर्बान अपनी ख़ुशियों को ग़म के साए में यार जीता हूँ मय-कदा तो नहीं मगर फिर भी तेरी आँखों का जाम पीता हूँ
Saahir Ubaid Aleemi
1 likes
और होता कोई तो मर जाता मेरे हालात की सदाक़त पे
Saahir Ubaid Aleemi
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Saahir Ubaid Aleemi.
Similar Moods
More moods that pair well with Saahir Ubaid Aleemi's sher.







