रात भर घूमते रहे बादल चाँद को चूमते रहे बादल
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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कोरे काग़ज़ पर रो रहे हो तुम मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम क्या कहा मुझ सेे दूर जाना है इस का मतलब है जा चुके हो तुम
Zubair Ali Tabish
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मुसलमाँ को मिटाने की हवस काफ़िर के दिल में है मगर ये भूल बैठे हैं क़यामत तक रहेंगे हम
Saahir Ubaid Aleemi
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कर के क़ुर्बान अपनी ख़ुशियों को ग़म के साए में यार जीता हूँ मय-कदा तो नहीं मगर फिर भी तेरी आँखों का जाम पीता हूँ
Saahir Ubaid Aleemi
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कल जो थे साथ मेरे मरने तक आज वो सब मेरे ख़िलाफ़ आए
Saahir Ubaid Aleemi
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हम ने बस इक हुनर ही पाया है आँधियों में दिया जलाया है
Saahir Ubaid Aleemi
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ग़म के हिस्से में होना चाहती है ज़िंदगी है कि रोना चाहती है
Saahir Ubaid Aleemi
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