ग़म के हिस्से में होना चाहती है ज़िंदगी है कि रोना चाहती है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कर के क़ुर्बान अपनी ख़ुशियों को ग़म के साए में यार जीता हूँ मय-कदा तो नहीं मगर फिर भी तेरी आँखों का जाम पीता हूँ
Saahir Ubaid Aleemi
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हम ने बस इक हुनर ही पाया है आँधियों में दिया जलाया है
Saahir Ubaid Aleemi
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रात भर घूमते रहे बादल चाँद को चूमते रहे बादल
Saahir Ubaid Aleemi
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कैसे बद-बख़्त हैं ज़माने में फ़र्ज़ छोड़ा किए कमाने में
Saahir Ubaid Aleemi
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और होता कोई तो मर जाता मेरे हालात की सदाक़त पे
Saahir Ubaid Aleemi
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