कल जो थे साथ मेरे मरने तक आज वो सब मेरे ख़िलाफ़ आए
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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जानता हूँ कि तुझे साथ तो रखते हैं कई पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई?
Umair Najmi
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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तुम्हारे पाँव क़सम से बहुत ही प्यारे हैं ख़ुदा करे मेरे बच्चों की इन में जन्नत हो
Rafi Raza
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है अभी वक़्त बाज़ आ जाओ जान शह राग के पास ठहरी है
Saahir Ubaid Aleemi
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हम ने बस इक हुनर ही पाया है आँधियों में दिया जलाया है
Saahir Ubaid Aleemi
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रात भर घूमते रहे बादल चाँद को चूमते रहे बादल
Saahir Ubaid Aleemi
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मुसलमाँ को मिटाने की हवस काफ़िर के दिल में है मगर ये भूल बैठे हैं क़यामत तक रहेंगे हम
Saahir Ubaid Aleemi
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और होता कोई तो मर जाता मेरे हालात की सदाक़त पे
Saahir Ubaid Aleemi
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