है नाज़ मुझ को आप मेरे राब्ते में हैं मेरे भी हिस्से आ गए कुछ शानदार लोग ज़िंदादिली का ज़िक्र कहीं हो रहा हो तो सुनते ही याद आते हैं बचपन के यार लोग
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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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अब ज़रूरी तो नहीं है कि वो सब कुछ कह दे दिल में जो कुछ भी हो आँखों से नज़र आता है मैं उस सेे सिर्फ़ ये कहता हूँ कि घर जाना है और वो मारने मरने पे उतर आता है
Tehzeeb Hafi
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मैं ने जो कुछ भी सोचा हुआ है, मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा तुम मुझे ज़हर लगते हो और मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
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वो इक नदी जो कभी तेज़-तेज़ बहती थी वो आज रेत के मैदान सी बिछी हुई है मैं इक दरख़्त था 'अशरफ़' किसी ज़माने में खिज़ां के कहरस अब ठूँठ ही बची हुई है
Ashraf Ali
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पुतलियों में घुला समुंदर है मोतियों की दुकान आँखें हैं आप तहक़ीक़ ही नहीं करते सब ख़ज़ानों की खान आँखें हैं
Ashraf Ali
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सारी दुनिया को अजनबी कर के ख़ुश हूँ ख़ल्वत से दोस्ती कर के
Ashraf Ali
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रोज़ खोता हूँ ख़यालों में तुम्हारी जानाँ रोज़ धुँधली हुई तस्वीर उभर आती है
Ashraf Ali
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आह यूँँ टूटा भरम, सब कुछ ख़तम उन्स, कीना, साद, ग़म, सब कुछ ख़तम
Ashraf Ali
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